Tuesday, July 19, 2011

इक बातचीत


हम : 
अब क्या बताये उनको हम 
उनकी आंखोंसे दुनिया देखते है
गैरत भी है.. मुहोब्बत भी हमको
जवाब-ए-इश्क को शर्म के परदे मे रखते है !!! 

वो : 
वो देखते हैं दुनिया हमारी आँखोंसे'
और हम दुनिया में उन्हिको देखते हैं|
वो शरमाके पलके झुका लेते हैं,
और हम उनकी आँखोंमें देखने को तरसते हैं !!!

हम :
उनकी दुनिया हमसे है
और हमारी भी उन्ही से...
सपनो से भरी है हमारी आँखे..
और उन्हे शिकायत झुकी पलको से !!!

वो : 
शिकायत यही झुकी पलको से
के हमारे ख्वाब नही दिखते ...
जवाब तो सारे साथ लाये है...
उनके सवाल ही नही दिखते..!!

हम :
वो शिकायत करे, पसंद है ...
वो इनायत करे, पसंद है...
जिंदगीका साथ है.. रुठना मनाना
वो हमारे साथ है... पसंद है !! 


 - भक्ती आजगावकर 
(Thanks Vinayak for वो देखते हैं दुनिया हमारी आँखोंसे...)  


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